रांची, 01 सितंबर: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच JSSC-CGL-2023 की नियुक्ति प्रक्रिया की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता हरिशरण देवगन की याचिका पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई संभव है।
याचिका में 14वीं JPSC परीक्षा और JSSC-CGL-2023 की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। इससे पहले 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई की थी। पीठ में न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार, CBI, JPSC, JSSC और केंद्र सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था।
JSSC-CGL-2023 परीक्षा शुरुआत से ही विवादों में रही है। झारखंड हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी। हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के फैसले में दर्ज तथ्यों के अनुसार, परीक्षा में करीब 6.40 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था और विभिन्न पदों के लिए करीब 2,021 रिक्तियां थीं।
मामले की जांच के लिए गठित SIT ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य पाए थे, हालांकि उस समय जांच में पूरे प्रश्नपत्र के संगठित तरीके से लीक होने का ठोस प्रमाण नहीं मिला था। हाईकोर्ट ने उस स्तर पर मामले को CBI को सौंपने से इनकार करते हुए SIT को जांच पूरी करने का निर्देश दिया था।
CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नई याचिका से इस मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। 24 अगस्त की सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस दिए जाने से अब 11 सितंबर की संभावित सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग पर आगे क्या रुख अपनाता है।