रांची,01 सितंबर: राजधानी रांची के आईटीआई बस स्टैंड को आधुनिक बस टर्मिनल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 24.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह टर्मिनल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का निर्माण करीब तीन एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। निर्माण के लिए 13 मई 2026 को एग्रीमेंट हुआ था और इसे करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत वर्ष 2027 में टर्मिनल के तैयार होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित टर्मिनल भवन जी+2 स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 2330 वर्गमीटर का ग्राउंड फ्लोर और 880 वर्गमीटर का प्रथम तल होगा। बसों के संचालन के लिए 13 बस-बे बनाए जाएंगे। साथ ही करीब 35 बसों के लिए स्टैंडबाय पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे बसों के आवागमन और यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
नए टर्मिनल में यात्रियों के लिए एयर कंडीशंड प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, रेस्टोरेंट, फूड कियोस्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री और गेस्ट रूम बनाए जाने की योजना है। गेस्ट रूम में लॉकर की सुविधा भी प्रस्तावित है।
टर्मिनल परिसर में ड्राइवरों के लिए कैंटीन, मेंटेनेंस शेड, गार्ड रूम और स्लाइडिंग प्रवेश द्वार भी बनाए जाएंगे। दो बसों की एक साथ मरम्मत के लिए मेंटेनेंस शेड की व्यवस्था होगी। परिसर को हराभरा रखने के लिए लैंडस्केपिंग भी की जाएगी।
आईटीआई बस स्टैंड के साथ रांची के सरकारी बस डिपो और खादगढ़ा स्थित बिरसा मुंडा बस टर्मिनल को भी आधुनिक बनाने की योजना है। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 48.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें आईटीआई बस स्टैंड के लिए 24.77 करोड़, सरकारी बस डिपो के लिए 20.19 करोड़ और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल के लिए 3.76 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
आईटीआई बस स्टैंड के विकसित होने के बाद यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसों का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक परिवहन केंद्र उपलब्ध कराना तथा रांची के बस टर्मिनलों को राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक मॉडल के अनुरूप तैयार करना है।