नई दिल्ली, 15 अगस्त: देश शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाएगा। राष्ट्रीय समारोह का मुख्य केंद्र दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष का समारोह ‘विकसित भारत @2047’ और युवा शक्ति की भूमिका पर केंद्रित रहेगा।
प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण के साथ ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद तिरंगे को राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी और सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएगा। समारोह की खास विशेषता यह होगी कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे समारोह में विशेष स्थान दिया गया है।
ध्वजारोहण के दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलिकॉप्टर लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलिकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ अंकित ध्वज लेकर उड़ान भरेगा। पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
समारोह में करीब 2,500 एनसीसी कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक भी शामिल होंगे। इन्हें लाल किले के सामने ज्ञान पथ पर बैठाया जाएगा, जहां वे ‘वंदे मातरम्’ की आकृति का निर्माण करेंगे। इसके अलावा देश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें किसान, महिला उद्यमी, वैज्ञानिक, युवा नवोन्मेषक, स्टार्टअप से जुड़े लोग, स्वच्छता कर्मी, कारीगर और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री के संबोधन के समापन के बाद एनसीसी कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह देश की आजादी के गौरव, राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ और विकसित भारत के संकल्प को एक साथ प्रदर्शित करेगा।