रांची, 29 जुलाई: झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में राज्य की आपराधिक अन्वेषण विभाग ने सोमवार को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. ख्यांग्ते से करीब आठ घंटे तक लंबी पूछताछ की। पूछताछ रांची स्थित CID मुख्यालय में हुई, जहां उनसे परीक्षा संचालन, ओएमआर शीट, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन तथा आयोग के प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े कई सवाल पूछे गए।
सूत्रों के अनुसार, CID की विशेष जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जानकारी आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष को थी या नहीं तथा निर्णय लेने में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसी पहले ही परीक्षा उप नियंत्रक समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
गौरतलब है कि JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शिकायतों के आधार पर CID ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पिछले दिनों पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के रांची स्थित आवास पर भी छापेमारी कर कई दस्तावेजों की जांच की गई थी। छापेमारी के बाद उन्होंने JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और जांच में सहयोग करने की बात कही थी।
CID अधिकारियों ने पूछताछ के बाद आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि माना जा रहा है कि अब तक जुटाए गए दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच निर्णायक चरण में पहुंच रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।