संस्थापक गोविंद साह एवं राधा देवी की पुण्यतिथि पर राधा गोविंद विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

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माता-पिता केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज की सबसे बड़ी प्रेरणा होते हैं। उनके आदर्श और संस्कार ही हमारे जीवन तथा संस्थान की वास्तविक पूंजी हैं:- बैजनाथ साह

रामगढ़, 23 जून। राधा गोविंद विश्वविद्यालय में मंगलवार को संस्थापक प्रेरणास्रोत स्वर्गीय गोविंद साह एवं स्वर्गीय राधा देवी की पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पूजन, यज्ञ, हवन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्व. गोविंद साह एवं स्व. राधा देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। वैदिक आचार्य मुकेश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, यज्ञ और हवन संपन्न कराया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओत-प्रोत हो उठा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने कहा कि उनके माता-पिता का जीवन सादगी, सेवा, त्याग और शिक्षा के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज की भी सबसे बड़ी प्रेरणा होते हैं। उनके आदर्श और संस्कार ही विश्वविद्यालय की वास्तविक पूंजी हैं तथा इन्हीं मूल्यों के आधार पर संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।

विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि स्व. गोविंद साह एवं स्व. राधा देवी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी स्मृतियां सदैव विश्वविद्यालय परिवार को समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

पूजन एवं हवन के उपरांत भंडारा और प्रसाद वितरण का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार, अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।