लखीसराय (बिहार), 22 जून: NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय जिले में सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में नौ ऐसे फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया, जो असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। मामले के सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के दौरान गिरफ्तार लोगों में कई मेडिकल और नर्सिंग संस्थानों से जुड़े छात्र शामिल पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में बीएचयू नर्सिंग की छात्रा पूनम कुमारी भी शामिल है, जो मधुप्रिया नामक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देती हुई पकड़ी गई। इसके अलावा एम्स रायबरेली के छात्र सौरभ झा, यूपी मेडिकल कॉलेज शाहदरा, दिल्ली के इंटर्न अमन अग्रवाल, तथा एनएमसीएच नर्सिंग कॉलेज के छात्र संजीत और उसके भाई को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि ये सभी एक संगठित सॉल्वर नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के समय बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और दस्तावेजों की जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों की पहचान संदिग्ध पाई गई। गहन जांच में खुलासा हुआ कि कुछ लोग मोटी रकम लेकर वास्तविक उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे, जबकि असली अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर मौजूद ही नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सॉल्वर गैंग के एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां उन अभ्यर्थियों की भी पहचान कर रही हैं, जिनकी जगह दूसरे लोग परीक्षा देने पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और परीक्षा अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहचान सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
लखीसराय में हुई इस कार्रवाई को NEET री-एग्जाम में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।