राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार से महागठबंधन में बढ़ी दरार, क्रॉस वोटिंग पर घमासान

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रांची, 21 जून: झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की अप्रत्याशित हार के बाद महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के भीतर विवाद गहरा गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद सहयोगी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और क्रॉस वोटिंग को लेकर गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम जीतने में सफल रहे, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को पराजित कर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। विधानसभा में संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

चुनाव के बाद कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों के कुछ विधायकों पर समर्थन नहीं देने का आरोप लगाया है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावा किया है कि उसके सभी विधायकों ने गठबंधन धर्म का पालन किया और पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।

इधर राजद ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। राजद नेताओं का कहना है कि उनके सभी विधायकों ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया और यदि कहीं क्रॉस वोटिंग हुई है तो कांग्रेस को अपने घर के भीतर झांकना चाहिए।

माकपा (माले) ने भी मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से क्रॉस वोटिंग की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि कुछ विधायकों ने राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव में आकर मतदान किया, जिससे महागठबंधन को नुकसान हुआ।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हार ने महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी और आंतरिक असंतोष को उजागर कर दिया है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन के लिए यह परिणाम एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस, झामुमो, राजद और अन्य सहयोगी दलों के बीच विश्वास का संकट उभरता दिखाई दे रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महागठबंधन नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्रॉस वोटिंग के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कैसे करता है।