इंस्टाग्राम वीडियो से बदली दिव्यांग परिवार की किस्मत, उपायुक्त दिलीप शेखावत खुद पहुंचे मदद लेकर

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पलामू, 21 जून। सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव और प्रशासन की संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पलामू जिले में देखने को मिला। एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में छोटी बच्ची ललिता कुमारी ने अपने दिव्यांग माता-पिता के लिए आवास और सरकारी सहायता की गुहार लगाई थी। वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने त्वरित कार्रवाई की और स्वयं परिवार के घर पहुंचकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया।

उपायुक्त ने दिव्यांग दंपति को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत पक्का आवास स्वीकृत किया। साथ ही उनकी सुविधा के लिए ट्राई साइकिल भी उपलब्ध कराई गई। परिवार के अन्य जरूरी दस्तावेजों की समस्या का समाधान करते हुए ललिता के छोटे भाई-बहनों को मौके पर ही जन्म प्रमाण पत्र सौंपे गए।

बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने स्वयं पहल कर ललिता के भाई-बहन आशिक और आरती के साथ-साथ गांव की एक अन्य बच्ची सुहानी का नामांकन नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र में कराया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र अवसाने-3 का उद्घाटन भी किया तथा बच्चों के बीच स्लेट, कॉपी, पेंसिल सहित शैक्षणिक सामग्री और फल वितरित किए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया आज जनहित के मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने उस इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के प्रयासों की सराहना की, जिसके माध्यम से यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर सभी पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी कल्याणकारी एवं स्पॉन्सरशिप योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

इस पहल को स्थानीय लोगों ने प्रशासन की मानवीय संवेदनशीलता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए सराहा है।