राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में बढ़ी सियासी हलचल, दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

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रांची, 15 जून: झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो दिवसीय दिल्ली दौरे से लौटकर रांची पहुंच गए हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।

राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन ने एक सीट पर झामुमो के बैद्यनाथ राम तथा दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार गठबंधन के विधायकों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए झामुमो और कांग्रेस अपने 56 विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ने गठबंधन के विधायकों की बैठक भी की थी और चुनाव में एकजुटता बनाए रखने का संदेश दिया था।

राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को भी राज्यसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि दौरे के आधिकारिक एजेंडे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान गठबंधन की चुनावी रणनीति और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।

इधर विपक्षी दलों की गतिविधियां भी तेज हैं। भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। सत्ता पक्ष ने खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है, जबकि विपक्ष अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुटा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड की दोनों राज्यसभा सीटों के चुनाव परिणाम केवल संख्या बल पर ही नहीं, बल्कि विधायकों की एकजुटता और अंतिम समय की राजनीतिक रणनीतियों पर भी निर्भर करेंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की वापसी के बाद राज्य की राजनीति में अगले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।