रांची, 02 जून: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि अब पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय या परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को परिवहन सेवाओं का लाभ उनके गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाए। इसी उद्देश्य से राज्यभर में पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सरकार की योजना है कि इन कैंपों के माध्यम से युवाओं, छात्रों और वाहन चालकों को आसान एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वैध ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की संख्या बढ़ेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। जमशेदपुर में ड्राइवर ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान स्थापित करने तथा धनबाद में वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र शुरू करने की दिशा में भी कार्य तेज करने को कहा गया।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, एकीकृत भूमि पोर्टल के विकास और प्रशासनिक सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुगम बनाने पर भी जोर दिया। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित सेवाओं के विस्तार से लोगों को सरकारी सुविधाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेंगी।
राज्य सरकार के इस फैसले को ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों युवाओं और वाहन चालकों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप शुरू होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलेगा।