NGT प्रतिबंध से पहले झारखंड सरकार अलर्ट, बड़े पैमाने पर होगा बालू स्टॉक

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रांची, 22 मई : मानसून के दौरान बालू खनन पर लगने वाले एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) प्रतिबंध से पहले झारखंड सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। राज्य सरकार और खनन विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक तैयार करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि बारिश के मौसम में निर्माण कार्य प्रभावित न हों और बाजार में बालू की किल्लत न हो।

जानकारी के अनुसार, एनजीटी के निर्देशानुसार हर वर्ष 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू उठाव पर रोक रहती है। पिछले वर्षों में प्रतिबंध के दौरान बालू संकट और कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई थी। इसी को देखते हुए इस बार सरकार पहले से भंडारण व्यवस्था मजबूत कर रही है।

खनन विभाग ने हाल ही में झारखंड सैंड माइनिंग (संशोधन) नियमावली 2026 लागू की है। इसके तहत बालू घाटों की नीलामी, स्टॉकिंग और निगरानी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया गया है। राज्य में 229 बालू घाटों से राजस्व बढ़ाने और अवैध खनन पर रोक लगाने की भी तैयारी की गई है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JSMDC) और लाइसेंसधारी एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में बालू स्टॉक करने का निर्देश दिया गया है। कई जिलों में निजी कारोबारियों ने भी पहले से भंडारण शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष बालू की कमी के कारण निर्माण परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं और बिहार से महंगे दाम पर बालू मंगाना पड़ा था।

वहीं, सरकार ने अवैध बालू खनन और परिवहन पर सख्ती के संकेत दिए हैं। संशोधित नियमों में अवैध खनन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार एनजीटी प्रतिबंध के दौरान बाजार में बालू संकट नहीं होने दिया जाएगा।