झारखंड में नक्सलवाद को बड़ा झटका, 27 उग्रवादियों ने किया सरेंडर

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रांची, 22 मई: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े कुल 27 नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह सरेंडर राज्य के इतिहास के सबसे बड़े सामूहिक आत्मसमर्पणों में से एक माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ एवं अन्य सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डाल दिए। इन उग्रवादियों का संबंध माओवादी संगठन के शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते से बताया जा रहा है, जो सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रहा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में कई इनामी नक्सली, सब-जोनल कमांडर तथा झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) से जुड़े सदस्य भी शामिल हैं। इनमें मिसिर बेसरा का बॉडीगार्ड भी शामिल बताया गया है। सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस भी सुरक्षा बलों को सौंपे।

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद के खात्मे के लिए संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में पूरा सहयोग किया जाएगा। वहीं सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने शेष बचे नक्सलियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।

पुलिस के अनुसार, “ऑपरेशन नवजीवन” के तहत यह कार्रवाई की गई। वर्ष 2026 में अब तक 22 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, 44 गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 29 उग्रवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। लगातार चल रहे अभियान और सुरक्षा बलों की बढ़ती पकड़ के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है।