बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग का अभूतपूर्व सुरक्षा कवच, जम्मू-कश्मीर से ‘बुलेटप्रूफ’ गाड़ियां पहुंची भवानीपुर

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कोलकाता, 16 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्य में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। चुनावी हिंसा के पुराने इतिहास को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर से विशेष मीडियम बुलेटप्रूफ वाहन मंगाए गए हैं, जो कोलकाता के संवेदनशील इलाके भवानीपुर समेत कई जिलों में पहुंच चुके हैं।

चुनाव आयोग ने राज्य में 2.4 लाख से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती का रिकॉर्ड कायम किया है। इसमें CRPF, BSF और अन्य बलों की 2400 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा अतिरिक्त 3000 सशस्त्र पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से बुलाए जा रहे हैं।

ये बुलेटप्रूफ वाहन 7mm की गोली तक का सामना करने में सक्षम हैं और आमतौर पर जम्मू-कश्मीर जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। अब पहली बार बड़े पैमाने पर इनका उपयोग बंगाल चुनाव में किया जा रहा है। भवानीपुर (जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट है), मालदा, डाबग्राम-फूलबाड़ी, नंदीग्राम समेत कई हाई-रिस्क इलाकों में इनकी तैनाती की गई है। CRPF की बुलेटप्रूफ गाड़ियों के साथ रूट मार्च भी शुरू हो चुके हैं।

चुनाव आयोग का सुरक्षा प्लान:

• पहले चरण का मतदान **23 अप्रैल 2026** को 152 सीटों पर।

• दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को 142 सीटों पर।

• मतगणना 4 मई 2026 को।

• संवेदनशील बूथों पर फोकस्ड डिप्लॉयमेंट, निरंतर गश्त और वोटर सुरक्षा पर विशेष जोर।

• रायट कंट्रोल वाहन, क्षेत्र-आधारित काफिले और नेता तथा मतदान केंद्रों की कड़ी सुरक्षा।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी तरह की हिंसा या बवाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही हैं। राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय बलों पर ज्यादा भरोसा जताया गया है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बंगाल में इस बार मतदाताओं को बिना किसी भय या दबाव के वोट डालने का मौका मिलेगा। हमारी पूरी कोशिश है कि 2021 जैसी घटनाएं दोहराई न जाएं।”

राजनीतिक दलों ने सुरक्षा व्यवस्था का स्वागत किया है, हालांकि कुछ दल इसे ‘राज्य पर केंद्रीय हस्तक्षेप’ बता रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी दल दोनों शांतिपूर्ण चुनाव की अपील कर रहे हैं।

चुनाव आयोग का मानना है कि इतनी भारी तैनाती से न सिर्फ चुनावी हिंसा रोकी जा सकेगी, बल्कि मतदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा। भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों में बुलेटप्रूफ वाहनों की मौजूदगी ने सुरक्षा को नया आयाम दिया है।

अब देखना यह होगा कि ये व्यापक इंतजाम कितने कारगर साबित होते हैं और बंगाल में इस बार वाकई शांतिपूर्ण मतदान होता है या नहीं।