दिल्ली और दौसा में छापेमारी: छह बांग्लादेशी महिलाएं दिल्ली में हिरासत में, दौसा में पांच पुरुष पकड़े गए

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नई दिल्ली/दौसा – दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहीं छह बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई मंडावली पुलिस स्टेशन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की। इन महिलाओं के पास भारत में रहने के लिए कोई वैध वीजा या दस्तावेज नहीं थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद मिली जानकारी के आधार पर पहाड़गंज इलाके में छापेमारी की गई और पांच अन्य महिलाओं को पकड़ा गया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मीम अख्तर (23), मीना बेगम (35), शेख मुन्नी (36), पायल शेख (25), सोनिया अख्तर (36) और तानिया खान (34) के रूप में हुई है।

पुलिस यह जांच कर रही है कि ये महिलाएं भारत में कैसे और क्यों आईं, और क्या ये किसी मानव तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई हैं। इस संबंध में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को सूचित कर दिया गया है, और इनके खिलाफ निर्वासन (Deportation) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली में इन्हें किसने पनाह दी या किसने इनके रहने में मदद की। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, राजस्थान के दौसा जिले में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। यह कार्रवाई हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत की गई। तीन बांग्लादेशियों को बसवा क्षेत्र के मुही गांव से और दो को मानपुर के कालवान सीकरी से गिरफ्तार किया गया। ये सभी क्रेशर उद्योग में काम करते हुए पाए गए और अपनी पहचान छुपाए हुए थे। उन्हें सरकार द्वारा बनाए गए विशेष कैंपों में भेजा जाएगा।

दिल्ली और दौसा में की गई ये कार्रवाइयां कानून व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम मानी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।