पटना। खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव (पीए) बताकर कांग्रेस नेताओं को ठगने वाला एक शातिर जालसाज पटना में गिरफ्तार हुआ है। यह व्यक्ति अब तक कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से करोड़ों की ठगी कर चुका है। मामले में शामिल मुख्य साजिशकर्ता गौरव शर्मा फिलहाल फरार है। पुलिस ने गांधी मैदान थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इस घटना से कांग्रेस पार्टी में अफरा-तफरी मच गई है।
ठगी का सुनियोजित तरीका
हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला रजत कुमार खुद को राहुल गांधी का पीए कनिष्क सिंह बताकर नेताओं को फोन करता था। वह उन राज्यों के कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाता था, जहां चुनाव नजदीक होते या संगठन में बदलाव की संभावना होती। गौरव शर्मा, जो पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है, नेताओं की जानकारी जुटाकर पहले उनसे संपर्क करता और बड़े पद या टिकट दिलवाने का प्रलोभन देता। इसके बाद रजत फोन कर मोटी रकम की मांग करता।
रजत ने पुलिस को बताया कि उसे हर ठगी में 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था, जबकि योजना और संपर्क की पूरी जिम्मेदारी गौरव की होती थी। इस जोड़ी ने अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में कई नेताओं को चूना लगाया है।
बिहार में भी की कोशिश, एक पूर्व मंत्री को किया था कॉल
इस गैंग ने पटना आकर बिहार के पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक अफाक आलम से भी संपर्क किया। उनसे संगठन में महत्वपूर्ण पद दिलाने के एवज में बड़ी रकम मांगी गई, लेकिन अफाक ने इस मांग को ठुकरा दिया।
इसके बाद ये ठग पटना के एग्जीबिशन रोड स्थित एक होटल में रुके और कांग्रेस नेता प्रवीण कुशवाहा को ठगने की योजना बनाई। उन्होंने कहा कि 15 से 20 लाख रुपये देने पर उन्हें बिहार का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बना देंगे। हालांकि प्रवीण उस समय दिल्ली में थे। उनके करीबी आदित्य ने ठगों से भेंट की और उन्हें 2 लाख रुपये सौंप दिए। गौरव पैसे लेकर भाग निकला, जबकि शक होने पर लोगों ने रजत को होटल में ही पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी दर्ज हैं कई केस
रजत और गौरव के खिलाफ कई राज्यों में धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं। रजत पहले छह महीने जेल में भी रह चुका है। बाहर आते ही उसने फिर से लोगों को ठगना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार इन दोनों ने कांग्रेस नेताओं से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
पार्टी की साख पर सवाल
राहुल गांधी के नाम पर की गई इस ठगी से कांग्रेस पार्टी को भारी झटका लगा है। कई नेता समझ नहीं पा रहे कि वे इतने बड़े झांसे का शिकार कैसे हो गए। यह घटना पार्टी की प्रतिष्ठा और आंतरिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस अब गौरव शर्मा की तलाश में छापेमारी कर रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।