चक्रवात ‘अर्नब’ से बदलेगा मौसम का मिजाज, 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Spread the News

28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है चक्रवात, 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं; झारखंड में भी बारिश की संभावना

नई दिल्ली/रांची, 27 अक्टूबर: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में ठंड का असर बढ़ने के संकेत हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास से गुजर सकता है। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के आगे बढ़ने के साथ इसके प्रभाव का दायरा भी बढ़ सकता है।

चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मौसम प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, सभी राज्यों में बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग रह सकता है।

आंध्र प्रदेश और यानम में 27 और 28 अक्टूबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। ओडिशा में 28 अक्टूबर तथा छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश हो सकती है। झारखंड में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 29 और 30 अक्टूबर को बारिश हो सकती है।

चक्रवात को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों तथा आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। संभावित प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है।

मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।