रामगढ़, 27 अक्टूबर: झारखंड के रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड अंतर्गत सोसो गांव की रहने वाली कविता महतो की होमगार्ड बनने की उम्मीदों को झटका लगा है। साड़ी पहनकर नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं कविता शारीरिक दक्षता परीक्षा में ऊंची कूद की बाधा पार नहीं कर सकीं। इसके कारण उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
कविता ने 1600 मीटर की दौड़ निर्धारित 10 मिनट की समय-सीमा के भीतर महज 8 मिनट 57 सेकंड में पूरी कर ली थी। दौड़ में सफल होने के बाद उनके चयन की उम्मीदें बढ़ गई थीं। लेकिन भर्ती के अगले चरण में ऊंची कूद के दौरान उन्हें तीन मौके दिए गए, इसके बावजूद वह निर्धारित ऊंचाई पार नहीं कर सकीं। इस असफलता के साथ ही होमगार्ड बनने का उनका सपना फिलहाल अधूरा रह गया।
कविता महतो का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। पति की मौत के बाद उनके ऊपर दो बच्चों और बुजुर्ग सास-ससुर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आ गई। परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ती है। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास दौड़ने के लिए जूते और उपयुक्त खेल पोशाक तक नहीं थी। इसी मजबूरी में वह साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ने मैदान में पहुंची थीं।
कविता के नंगे पांव दौड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में उनके संघर्ष और हौसले की चर्चा हुई थी। लोगों ने उनकी मेहनत की सराहना की और परिवार की मदद के लिए भी कई लोग आगे आए। उन्हें उम्मीद थी कि होमगार्ड की नौकरी मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, ऊंची कूद में असफल रहने के कारण उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
कविता की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए किस तरह संघर्ष करता है। दौड़ में अपनी क्षमता साबित करने के बावजूद एक अन्य शारीरिक स्पर्धा में असफलता ने उनकी राह रोक दी। फिलहाल होमगार्ड भर्ती में उनका चयन नहीं हो सका है।