पति को खोया, कर्ज का बोझ फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, साड़ी में 1600 मीटर दौड़ी कविता

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रामगढ़, 08 अक्टूबर: झारखंड के रामगढ़ जिले में होमगार्ड बहाली की तैयारी के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने अपने जज्बे और संघर्ष से लोगों का दिल जीत लिया। दुलमी प्रखंड के सोसो गांव की रहने वाली 28 वर्षीय कविता देवी साड़ी पहनकर और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ में उतरीं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कविता देवी के लिए यह सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने की कोशिश है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पति दीपक महतो की बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। इलाज में काफी खर्च होने से परिवार पर कर्ज भी चढ़ गया। पति के निधन के बाद कविता अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए दैनिक मजदूरी कर जीवन-यापन कर रही हैं। अब वह होमगार्ड की नौकरी हासिल कर परिवार के लिए मजबूत सहारा बनना चाहती हैं।

रामगढ़ के सिदो-कान्हू मैदान में चार अक्टूबर को होमगार्ड बहाली से पहले 1600 मीटर दौड़ का प्री-ट्रायल आयोजित किया गया था। इसी दौरान कविता साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ने उतरीं। तेज धूप और बिना जूते के बावजूद उन्होंने करीब छह मिनट में 1600 मीटर की दूरी पूरी कर ली, जबकि निर्धारित समय 10 मिनट बताया गया है।

कविता को साड़ी और नंगे पांव दौड़ते देख मैदान में मौजूद लोग हैरान रह गए। दौड़ पूरी करने के बाद उनके हौसले की खूब सराहना हुई। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके संघर्ष और जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

रामगढ़ में 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होमगार्ड के 284 पदों पर बहाली की प्रक्रिया प्रस्तावित है। भर्ती में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जबकि विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान बताया गया है।

कविता की कहानी यह बताती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर मंजिल पाने का जुनून हो तो इंसान रास्ता निकाल ही लेता है। साड़ी और नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ती कविता आज रामगढ़ में संघर्ष, आत्मविश्वास और महिला सशक्तीकरण की मिसाल बन गई हैं।