ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस

Spread the News

नई दिल्ली, 06 अक्टूबर: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना एकतरफा तरीके से लिए।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केवल मीडिया या अखबारों में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर एकतरफा आदेश पारित नहीं कर सकता। अदालत पहले निर्वाचन आयोग और केंद्र का पक्ष जानना चाहती है। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की जाती है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से या आवश्यक होने पर बहुमत के आधार पर लिए जाएं।

अदालत ने संकेत दिया कि यदि जवाब और रिकॉर्ड की जांच के बाद यह सामने आता है कि कोई निर्णय निर्धारित प्रक्रिया या आवश्यक सहमति के बिना लिया गया था, तो ऐसे फैसलों पर दोबारा विचार किया जा सकता है या उन्हें वापस लिया जा सकता है। फिलहाल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई अंतरिम निलंबन आदेश नहीं दिया गया है।

मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इस प्रकरण को SIR और निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में देखा जा रहा है।