नई दिल्ली/ढाका, 19 सितंबर: झारखंड के गोड्डा स्थित अडानी पावर के थर्मल पावर प्लांट की एक यूनिट में आई तकनीकी खराबी को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक महासचिव रूहुल कबीर रिजवी ने गोड्डा प्लांट के शटडाउन के समय को प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के फैसले से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
रिजवी ने 16 सितंबर को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया कि तारिक रहमान के BRICS सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला सामने आने के अगले दिन झारखंड स्थित अडानी पावर के गोड्डा संयंत्र की एक यूनिट बंद हो गई। उन्होंने इस घटनाक्रम के समय को लेकर सवाल उठाते हुए भारत पर बांग्लादेश के खिलाफ कथित साजिश का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गोड्डा पावर प्लांट की 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-2 में तकनीकी खराबी के बाद 10 सितंबर को बिजली उत्पादन बंद हो गया था। इसके कारण बांग्लादेश को अडानी पावर से मिलने वाली बिजली में अचानक कमी आई और वहां पहले से जारी बिजली संकट और गंभीर हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक प्लांट से बिजली आपूर्ति लगभग 1,430 मेगावाट से घटकर 700-800 मेगावाट के आसपास रह गई थी।
बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, यूनिट करीब तीन दिन बंद रहने के बाद 13 सितंबर को दोबारा राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ गई। शाम तक गोड्डा प्लांट से आपूर्ति बढ़कर करीब 1,450 मेगावाट हो गई थी।
इस बीच बांग्लादेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर बना रहा। अधिकारियों ने बताया कि अडानी प्लांट की तकनीकी समस्या ने संकट को बढ़ाया, लेकिन बिजली कटौती के पीछे गैस आपूर्ति में कमी और अन्य बिजली संयंत्रों के कम उत्पादन जैसे कई कारण भी रहे।
रिजवी इससे पहले भी अडानी पावर की बिजली आपूर्ति में बार-बार आ रही रुकावटों को लेकर सवाल उठा चुके हैं और संभावित साजिश की जांच की मांग कर चुके हैं। दूसरी ओर, उपलब्ध बिजली क्षेत्र की रिपोर्टों में गोड्डा यूनिट के बंद होने का कारण तकनीकी खराबी बताया गया है।
भारत की मेजबानी में 12 सितंबर से नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें सदस्य देशों के प्रमुख नेता शामिल हुए। सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा भी जारी की गई।