पितृपक्ष से पहले भक्ति के रंग में रंग रहा गयाधाम, दीवारों पर जीवंत हुई रामायण

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गया, 12 सितंबर: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले ही गयाधाम भक्ति और आस्था के रंग में रंगने लगा है। शहर के प्रमुख घाटों, मेला क्षेत्र और संपर्क मार्गों की दीवारों पर बनाई जा रही आकर्षक भित्तिचित्रों के जरिए गया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ‘पेंट द सिटी’ अभियान के तहत दीवारों पर रामायण के प्रसंग, भगवान विष्णु के चरण, गया तीर्थ का पौराणिक इतिहास और पिंडदान की परंपराओं को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

गायत्री घाट समेत प्रमुख स्थानों पर कलाकारों और आईआईएम के विद्यार्थियों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित आकर्षक वॉल पेंटिंग तैयार की हैं। इन चित्रों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों के साथ बिहार की पारंपरिक मधुबनी और मंजूषा कला की भी झलक देखने को मिल रही है। इससे गयाधाम की दीवारें अब केवल रंगीन ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की कहानी भी कहती नजर आ रही हैं।

भित्तिचित्रों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता, जल संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने का संदेश भी दिया जा रहा है। ‘स्वच्छ गया-स्वस्थ गया’ जैसे संदेशों को भी कलाकृतियों में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को गया की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर अनुभव कराना है।

पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के गया पहुंचने की संभावना है। ऐसे में शहर का बदला हुआ स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ-साथ गयाधाम की सनातन परंपरा और लोक संस्कृति को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है।