जमशेदपुर, 03 सितंबर: झारखंड के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार अब दूसरे राज्यों से चिकित्सकों को आमंत्रित करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जमशेदपुर में बताया कि केरल, बेंगलुरु, तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के राज्यों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को झारखंड लाने की योजना है। करीब 2,000 डॉक्टरों को राज्य में सेवा देने के लिए लाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञता और आवश्यकता के आधार पर डॉक्टरों को तीन लाख रुपये तक मासिक वेतन देने की तैयारी की जा रही है।
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ मेडिकल शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। एमजीएम में पीजी सीटों को बढ़ाकर 150 और एमबीबीएस सीटों को 250 तक करने की तैयारी है। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
एमजीएम समेत सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इससे मरीजों को गंभीर बीमारियों की जांच के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी। एमजीएम में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी है।
एमजीएम में मरीजों की मौत और इलाज में कथित लापरवाही से जुड़े मामलों को लेकर सरकार ने जांच कराने की बात कही है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने या चिकित्सकीय स्तर पर किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। झारखंड सरकार ने Google के साथ एआई आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए समझौता किया है। इसके तहत अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में AI, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और बेहतर डेटा प्रबंधन का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के साथ अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और तकनीक उपलब्ध कराकर मरीजों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।