नेतरहाट की नाशपाती अब बड़े बाजारों में, 10 टन की खेप गुवाहाटी भेजने की तैयारी

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रांची/लातेहार, 02 सितंबर: झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट की पहाड़ियों में तैयार होने वाली प्रीमियम गुणवत्ता की नाशपाती अब स्थानीय हाट-बाजारों तक सीमित नहीं रहेगी। किसानों की उपज को बड़े और संगठित बाजारों तक पहुंचाने की पहल के तहत नेतरहाट की नाशपाती अब संगठित रिटेल चेन और संस्थागत खरीदारों तक पहुंच रही है।

झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के SETU सेल की पहल से किसान उत्पादक संगठनों को सीधे बड़े खरीदारों से जोड़ा जा रहा है। अब तक करीब 5 मीट्रिक टन नाशपाती संगठित खरीदारों तक पहुंचाई जा चुकी है। वहीं करीब 10 मीट्रिक टन की अगली खेप असम के गुवाहाटी भेजने के लिए तैयार की जा रही है।

इस पहल के तहत नाशपाती को एकत्र करने के बाद उसकी ग्रेडिंग, छंटाई और गुणवत्ता जांच की जा रही है। इसके बाद आधुनिक पैकेजिंग और बेहतर परिवहन व्यवस्था के जरिए फल को बड़े बाजारों तक भेजा जा रहा है। इससे किसानों को स्थानीय बाजारों पर निर्भरता कम करने और अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नेतरहाट की ठंडी जलवायु नाशपाती की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां नाशपाती उत्पादन का पुराना इतिहास रहा है और इसकी गुणवत्ता के कारण बिहार, पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में भी इसकी मांग रही है।

खास बात यह है कि एग्री अर्जुना के माध्यम से नेतरहाट की नाशपाती रिलायंस समेत संगठित रिटेल चेन तक पहुंच रही है, जबकि टिंचर एग्री के जरिए इसे अन्य प्रीमियम घरेलू बाजारों में भेजा जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों, विशेषकर महिला किसान समूहों के लिए बाजार और आय के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

इस पहल से नेतरहाट की पहचान सिर्फ पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि झारखंड के प्रमुख बागवानी उत्पाद क्षेत्र के रूप में भी और मजबूत होने की संभावना है।