नई दिल्ली, 1 सितंबर: केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च वापस ले लिया है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इसकी घोषणा की।
CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। संगठन का आरोप था कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को छात्र आंदोलन समाप्त कराने के दौरान किए गए आश्वासनों को पूरी तरह लागू नहीं किया। प्रस्तावित मार्च में NEET प्रदर्शन से जुड़े छात्रों के परिजनों, छात्रों और युवाओं के शामिल होने की बात कही गई थी।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार CJP नेतृत्व के साथ किए गए आश्वासनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल तथा असम सरकारों की ओर से प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने के लिए कदम उठाए गए हैं। हालांकि गंभीर अपराधों में पहले से नामजद व्यक्तियों से जुड़े मामले इसका अपवाद रहेंगे।
सरकार के इन आश्वासनों और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के बाद CJP ने अपना रुख बदलते हुए 5 सितंबर के मार्च को रद्द करने का फैसला किया। संगठन ने कहा कि अब उसकी प्राथमिकता सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के पालन को सुनिश्चित करना है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया था और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण एवं जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा जताई थी।