रांची, 01 अगस्त: ओडिशा के प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटन शहर पुरी में झारखंड सरकार अपना स्थायी गेस्ट हाउस बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करीब 99 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित गेस्ट हाउस समुद्र तट के समीप बालूखंड क्षेत्र में बनाया जाएगा।
प्रस्तावित भवन भगवान जगन्नाथ मंदिर से करीब आठ किलोमीटर दूर होगा। यह स्थान कोणार्क वन्यजीव अभयारण्य के निकट बताया गया है। करीब 35 डिसमिल जमीन पर गेस्ट हाउस बनाने की योजना है। झारखंड भवन निर्माण विभाग ने पहले ही परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी की नियुक्ति के लिए निविदा जारी की थी।
गेस्ट हाउस में झारखंड से पुरी जाने वाले मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही आम लोगों के लिए भी कमरे उपलब्ध कराने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आम लोगों को ठहरने के लिए संबंधित विभाग के माध्यम से पहले से बुकिंग करानी होगी।
फिलहाल पुरी में झारखंड सरकार का गेस्ट हाउस किराये के भवन में संचालित होने की जानकारी है। स्थायी भवन बनने के बाद राज्य सरकार को किराये के भवन पर निर्भरता से राहत मिलेगी। भवन निर्माण विभाग ने परियोजना का प्राक्कलन तैयार कर लिया है और परियोजना को तकनीकी स्वीकृति भी मिलने की जानकारी सामने आई है। अब प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।
सरकारी ई-टेंडर रिकॉर्ड में पुरी में झारखंड गेस्ट हाउस निर्माण के लिए डीपीआर और पीएमसी सेवा से संबंधित निविदा दर्ज है। मई 2025 में इसके लिए निविदा जारी की गई थी। बाद में प्रक्रिया में बदलाव और निविदा रद्द होने के रिकॉर्ड भी सामने आते हैं। अप्रैल 2026 में परियोजना के प्रस्तावित निर्माण से संबंधित निविदा भी दर्ज हुई।
सरकार की योजना पूरी होने के बाद पुरी जाने वाले झारखंड के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और सरकारी अधिकारियों को राज्य सरकार के अपने भवन में ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। समुद्र तट और जगन्नाथ मंदिर के निकट होने के कारण यह गेस्ट हाउस राज्य के लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होने की उम्मीद है।