JPSC नियुक्ति घोटाला: 500 नियुक्तियों में फर्जीवाड़े के संकेत, डेढ़ दर्जन सफल अभ्यर्थियों की मनी ट्रेल खंगाल रही CID

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रांची, 27 अगस्त: झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत सामने आ रहे हैं। ताजा जांच में करीब 500 नियुक्तियों में फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। सीआईडी अब ऐसे करीब डेढ़ दर्जन सफल अभ्यर्थियों की मनी ट्रेल खंगाल रही है, जिनके बारे में कथित तौर पर सेटिंग के जरिए परीक्षा में सफलता हासिल करने का संदेह है।

जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से पैसे लेने, परीक्षा में अंक बढ़वाने या चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इससे पूरे मामले में कथित लेन-देन का नेटवर्क और उसकी कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

JPSC घोटाले की जांच में इससे पहले भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, CID की पूछताछ में ऐसे आरोपों की जानकारी मिली है कि कुछ अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के अंक पैसे के बदले बढ़ाए गए। एक जांच रिपोर्ट में सात अभ्यर्थियों के इंटरव्यू अंक बढ़ाने और करीब 5.8 करोड़ रुपये के कथित सौदों का उल्लेख किया गया है।

जांच में OMR और उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर के आरोप भी सामने आए हैं। कुछ मामलों में खाली छोड़े गए उत्तरों को बाद में सही उत्तरों से भरने और परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

मामले में CID की जांच अब केवल अधिकारियों और बिचौलियों तक सीमित नहीं है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि करीब 20 अभ्यर्थियों को नोटिस भी दिया गया है। जांच में कथित ‘सेटिंग’ नेटवर्क और अभ्यर्थियों के बीच संपर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

JPSC-JSSC नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 24 अगस्त को शीर्ष अदालत ने केंद्र और झारखंड सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में कथित नियुक्ति अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध CBI जांच की मांग की गई है।

इस बीच झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। इससे करीब 450 नियुक्त अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।