नेपाल की भीषण बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, गंडक किनारे छह जिलों में NDRF-SDRF तैनात

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पटना, 27 अगस्त : नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बढ़े जलप्रवाह का असर गंडक नदी के जरिए बिहार में पड़ने की आशंका जताई गई है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने छह जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली को विशेष निगरानी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने या किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

प्रशासन को आशंका है कि नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी के कारण गंडक नदी में अचानक तेज जलप्रवाह आ सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई गई है। हालांकि जलप्रवाह और इसके प्रभाव की वास्तविक स्थिति लगातार निगरानी के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिहार सरकार ने संवेदनशील इलाकों में तटबंधों, बांधों और नदी के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को राहत सामग्री, नाव और बचाव उपकरण तैयार रखने के साथ जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। Reuters के अनुसार नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने सड़क, पुल, मकान और बिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है।

भारत सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हालात और तैयारियों की जानकारी ली है। केंद्र ने जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और तटबंध के आसपास जाने से बचें, अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।