रामगढ़: 21 जुलाई: सिविल सर्जन कार्यालय, रामगढ़ के सभागार में सोमवार से वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज सर्विलांस विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण 20 और 21 जुलाई तक चलेगा। इसमें रामगढ़ और बोकारो जिले के स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज ने किया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की समय पर पहचान, प्रभावी निगरानी और त्वरित नियंत्रण के लिए मजबूत सर्विलांस प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण से स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता में वृद्धि होगी और रोग नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसआरटीएल डॉ. अमरेंद्र सिंह तथा एसएमओ डॉ. सुधानंद प्रतिभागियों को वीपीडी सर्विलांस के नवीनतम दिशा-निर्देश, डेटा प्रबंधन, केस रिपोर्टिंग एवं फील्ड मॉनिटरिंग की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं।
कार्यशाला में राज्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कर्ण, राज्य डेटा प्रबंधक सौरभ सिंह तथा राज्य जीव वैज्ञानिक डॉ. अंजली सहित राज्य स्तरीय टीम ने भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इसके अलावा रामगढ़ एवं बोकारो के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, जिला सर्विलांस इकाई, जिला प्रतिरक्षण इकाई तथा जिला एवं प्रखंड स्तर के एपिडेमियोलॉजिस्ट भी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य दोनों जिलों में स्वास्थ्य निगरानी तंत्र को सशक्त बनाना है, ताकि खसरा, रूबेला, टिटनेस और काली खांसी जैसी टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की समय पर पहचान, प्रभावी निगरानी और रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।