पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की समाधि निर्माण को केंद्र की मंजूरी, राष्ट्रीय स्मृति परिसर में बनेगा स्मारक

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नई दिल्ली, 14 जुलाई: केंद्र सरकार ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की स्मृति में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट परिसर के राष्ट्रीय स्मृति (राष्ट्रीय स्मृति स्थल) परिसर में समाधि निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहे प्रणब मुखर्जी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में निधन हो गया था। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और मस्तिष्क की सर्जरी के बाद उन्हें कोविड-19 संक्रमण भी हो गया था। उनके निधन के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

राष्ट्रीय स्मृति परिसर में देश के पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अन्य विशिष्ट राष्ट्रीय नेताओं की स्मृतियां स्थापित हैं। अब इसी परिसर में प्रणब मुखर्जी की समाधि भी विकसित की जाएगी।

प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में वित्त, रक्षा, विदेश और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 से 2017 तक वे भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे। सार्वजनिक जीवन में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2019 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

सरकार के इस निर्णय का विभिन्न राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। इसे प्रणब मुखर्जी के राष्ट्र के प्रति योगदान को स्थायी सम्मान देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।