रांची, 10 जुलाई: झारखंड सरकार द्वारा राज्य सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के निर्णय के बाद मीडिया जगत में असंतोष का माहौल है। नई व्यवस्था के तहत अब पत्रकारों को बिना पूर्व अनुमति या विशेष पास के सचिवालय परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनधिकृत आवाजाही पर नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया है।
पत्रकार संगठनों ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुंच के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया है। उनका कहना है कि सचिवालय सरकार का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है और यहां मीडिया की स्वतंत्र पहुंच लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सचिवालय परिसर में प्रवेश को लेकर नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पत्रकारों को संबंधित विभाग या सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।
इस निर्णय के बाद पत्रकार संगठनों ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करने और मीडिया के लिए पहले की तरह सुगम प्रवेश व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए मीडिया की स्वतंत्र पहुंच आवश्यक है और इस प्रकार के प्रतिबंध लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।