E20 पेट्रोल से माइलेज थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन गाड़ी खराब नहीं होती: नितिन गडकरी

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नई दिल्ली, 10 जुलाई: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि इथेनॉल की वजह से माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इससे वाहन खराब होने का कोई प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है।

गडकरी ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी वाहन को E20 पेट्रोल से नुकसान हुआ है तो उसका एक भी प्रमाण सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी शिकायत को वाहन निर्माता कंपनी और उनके पास भेजा जाए, सरकार उसकी जांच कराएगी।

सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल के कारण पुराने वाहनों में औसतन 3 से 3.5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है, क्योंकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है। हालांकि, इससे इंजन या अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।

गडकरी ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से भारत का कच्चे तेल का आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने दोहराया कि वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।

इस बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्वीकार किया है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में हल्की कमी संभव है, लेकिन यह कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करती है। सरकार का कहना है कि E20 ईंधन को व्यापक परीक्षण और ऑटोमोबाइल उद्योग से परामर्श के बाद ही देशभर में लागू किया गया है।