रांची, 27 जून: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ. राजकुमार के अचानक इस्तीफे से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब रिम्स में एमबीबीएस और बीडीएस प्रवेश प्रक्रिया तथा टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर CID ने हाल ही में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. राजकुमार का इस्तीफा स्वीकार करते हुए सर्जरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को अगले आदेश तक रिम्स का प्रभारी निदेशक नियुक्त कर दिया है।
CID की जांच में वर्ष 2025 के एमबीबीएस एवं बीडीएस प्रवेश में फर्जी जाति और दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिले तथा स्वच्छता सेवा से जुड़े टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। जांच टीम ने रिम्स के विभिन्न विभागों से रिकॉर्ड जब्त कर कई अधिकारियों से पूछताछ भी की है।
हालांकि डॉ. राजकुमार ने अपने इस्तीफे को “व्यक्तिगत कारणों” से जुड़ा बताया है, लेकिन उनके इस्तीफे का समय CID की कार्रवाई के तुरंत बाद होने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, CID की पूछताछ के बाद वह काफी तनाव में थे।
इस बीच, विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया कि एक सक्षम चिकित्सक को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रताड़ित किया गया और CID जांच का दबाव भी उनके इस्तीफे का कारण बना। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
फिलहाल CID की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।