रामगढ़, 27 जून: बारलौंग क्षेत्र में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी, को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को उपायुक्त ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एनएच-23 (रामगढ़–बोकारो) परियोजना की तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों का बारीकी से आकलन किया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने एनएचएआई को शॉर्ट टर्म मेजर्स के तहत सभी आवश्यक कार्य 24 घंटे के भीतर हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। इन कार्यों में दुर्घटना संभावित स्थल पर रम्बल स्ट्रिप का निर्माण, चेतावनी एवं दिशा सूचक साइन बोर्ड लगाना तथा पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
उपायुक्त ने कहा कि इन उपायों से वाहन चालकों को समय रहते सड़क की स्थिति की जानकारी मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। वहीं लॉन्ग टर्म मेजर्स के तहत सड़क का आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण, रिफ्लेक्टर की स्थापना, क्रैश बैरियर की ऊंचाई बढ़ाने सहित अन्य स्थायी सुरक्षा कार्य दो सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी कार्य पूरा कराने को कहा।
इस दौरान उपायुक्त ने पुलिस एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों पर नियमित गश्त, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने तथा आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तरीय समिति गठित कर जिले के अन्य ब्लैक स्पॉट की पहचान करते हुए एक सप्ताह के भीतर सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अंचल अधिकारी चितरपुर तथा एनएचएआई के तकनीकी अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।