दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मिला पद्म भूषण, पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान

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रांची/नई दिल्ली, 24 जून: झारखंड आंदोलन के महानायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  ने यह सम्मान प्रदान किया, जिसे उनकी पत्नी रुपी सोरेन Rupi Soren ने ग्रहण किया।

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब व्हीलचेयर पर पहुंचीं रूपी सोरेन सम्मान ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं मंच से उतरकर उनके पास पहुंचीं और पद्म भूषण सम्मान प्रदान किया। इस दृश्य ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।

शिबू सोरेन, जिन्हें झारखंड में स्नेहपूर्वक ‘दिशोम गुरु’ कहा जाता था, ने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा तथा अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में झारखंड आंदोलन को नई दिशा मिली और आदिवासी समाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। वे झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा की थी। उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके दशकों लंबे सामाजिक और राजनीतिक योगदान को राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि माना जा रहा है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया। राज्यभर में उनके समर्थकों ने इस सम्मान का स्वागत करते हुए दिशोम गुरु के संघर्ष और योगदान को याद किया।