बिना टिकट यात्रा पर अब दोगुना जुर्माना, रेलवे नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती

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1 जुलाई से लागू हो सकते हैं नए प्रावधान, महिलाओं के डिब्बे में घुसने पर ₹2500 तक जुर्माना

नई दिल्ली, 21 जून: भारतीय रेलवे ने यात्रियों में अनुशासन बढ़ाने और रेलवे परिसरों को सुरक्षित बनाने के लिए दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत बिना टिकट यात्रा, दूसरे के टिकट पर सफर, अवैध फेरी, भीख मांगने, सार्वजनिक उपद्रव और अन्य रेलवे अपराधों पर जुर्माने की राशि बढ़ाई जा रही है।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किया जाएगा। इसके अलावा यात्री को यात्रा का पूरा किराया और अन्य निर्धारित शुल्क भी चुकाना होगा। रेलवे का मानना है कि इससे टिकटलेस यात्रा पर प्रभावी रोक लगेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, किसी अन्य व्यक्ति के टिकट का उपयोग करने, रेलवे परिसर में अवैध फेरी लगाने, भीख मांगने, नशे की हालत में यात्रा करने, गाली-गलौज या सार्वजनिक उपद्रव करने वालों पर भी पहले की तुलना में अधिक आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

नए प्रावधानों में महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर ₹2500 तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। वहीं रेलवे परिसर में खतरनाक वस्तुएं ले जाने, ट्रैक पार करने या अतिक्रमण जैसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई होगी।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और यात्रा अनुशासन को बेहतर बनाना है। सरकार चाहती है कि छोटी-छोटी रेल अपराधों के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया की बजाय आर्थिक दंड के जरिए प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर यात्रा करें और रेलवे नियमों का पालन करें, अन्यथा बढ़े हुए जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।