रांची, 18 जून। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ महागठबंधन के उम्मीदवार और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम ने झारखंड की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए मतदान में कुल 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक सीट पर झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा और परिमल नाथवानी के बीच कड़ा मुकाबला था। परिणामों में नाथवानी की जीत ने यह संकेत दिया कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग की भूमिका अहम रही।
चुनाव के दौरान कांग्रेस ने नाथवानी के नामांकन को लेकर कई आपत्तियां उठाई थीं, लेकिन निर्वाचन अधिकारियों ने उन्हें खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही मुकाबला राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बन गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम से कांग्रेस की संगठनात्मक पकड़ और महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं भाजपा और एनडीए खेमे ने इसे अपनी रणनीतिक जीत बताया है। चुनाव परिणाम के बाद झारखंड की राजनीति में क्रॉस वोटिंग और दलगत निष्ठा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।