मंईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 4,068 अपात्र लाभुकों से होगी राशि की वसूली

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जमशेदपुर/रांची, 16 जून: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। पूर्वी सिंहभूम जिले में चलाए गए सत्यापन अभियान के दौरान 4,068 ऐसे लाभुकों की पहचान की गई है, जिन्होंने कथित रूप से गलत जानकारी या दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त किया। जिला प्रशासन ने इन लाभुकों से अब तक प्राप्त राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लाभुकों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें योजना के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अपात्र लाभुकों की सूची तैयार कर ली गई है और उनसे सरकारी राशि वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, जिन लोगों ने जानबूझकर गलत दस्तावेज या भ्रामक जानकारी देकर योजना का लाभ लिया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गौरतलब है कि मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं को देखते हुए विभिन्न जिलों में सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके दौरान फर्जी लाभुकों की पहचान की जा रही है। पूर्व में भी कई जिलों में अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

प्रशासन ने लाभुकों से अपील की है कि वे योजना से संबंधित सभी जानकारी सही एवं सत्यापित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि सरकारी सहायता का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंच सके।