रांची, 11 जून: झारखंड में मानसून को देखते हुए 10 जून से बालू खनन एवं नदी घाटों से बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी तल से बालू खनन नहीं किया जा सकेगा। इस अवधि में सभी बालू घाटों पर खनन और परिवहन गतिविधियां बंद रहेंगी।
खनन विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि मानसून के दौरान नदी तंत्र, जलीय जीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बालू खनन पर रोक लगने से निर्माण कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बालू की उपलब्धता कम होने और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि सरकार और अधिकृत एजेंसियों द्वारा पूर्व में भंडारित बालू के माध्यम से मांग पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।
उधर प्रशासन ने अवैध बालू खनन और तस्करी रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू करने की बात कही है। विभिन्न जिलों में छापेमारी और जांच अभियान चलाकर अवैध खनन में शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।