परिमल नाथवानी के नामांकन रद्द कराने की लड़ाई में कांग्रेस को नहीं मिला झामुमो-राजद-माले का खुला साथ

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रांची, 11 जून: झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद उसे अपने महागठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन नहीं मिल सका। कांग्रेस ने नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों और अधूरी जानकारियों का मुद्दा उठाते हुए निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन इस लड़ाई में झामुमो, राजद और भाकपा-माले खुलकर कांग्रेस के साथ नजर नहीं आए।

नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस ने नाथवानी के हलफनामे और दस्तावेजों में विसंगतियों का आरोप लगाया था। शुरुआती जांच में निर्वाचन पदाधिकारी ने आपत्तियों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए नामांकन को होल्ड पर रखा, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई।

हालांकि बुधवार को निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी दस्तावेजों को वैध मानते हुए परिमल नाथवानी के नामांकन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में उनके मैदान में बने रहने का रास्ता साफ हो गया।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महागठबंधन के भीतर राज्यसभा सीटों के बंटवारे को लेकर पहले से मतभेद रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर झामुमो, राजद और माले की अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी, जिससे कांग्रेस राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ती नजर आई।

उल्लेखनीय है कि झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मैदान में हैं। नाथवानी को भाजपा और एनडीए सहयोगियों का समर्थन प्राप्त है, जबकि महागठबंधन अपने दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहा है।