चांदी आयात पर सरकार की सख्ती, ‘फ्री’ से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाला

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विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और व्यापार घाटा घटाने पर केंद्र का फोकस

नई दिल्ली, 17 मई : केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसे ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया है। अब चांदी का आयात बिना सरकारी अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करना और गैर-जरूरी आयात पर नियंत्रण करना बताया जा रहा है।

सरकार ने हाल के दिनों में सोना-चांदी के आयात को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत आयात शुल्क भी बढ़ाया गया है और आयातकों के लिए निगरानी व्यवस्था सख्त की गई है। अधिकारियों के अनुसार, कीमती धातुओं के भारी आयात से व्यापार घाटा बढ़ रहा था, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ रहा था।

नई व्यवस्था के तहत आयात करने वाली कंपनियों को नियमित रिपोर्ट देनी होगी और सरकार हर पखवाड़े आयात की समीक्षा करेगी। ज्वेलरी एवं बुलियन उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी कारण गैर-आवश्यक आयात पर नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।