रामगढ़, 01 मई: भारत की जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभाकक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने की। इस दौरान उन्होंने जनगणना से जुड़ी तैयारियों एवं कार्य योजना की विस्तृत जानकारी दी।
उपायुक्त ने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया, जिसके बाद जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। वर्तमान में प्रखंड स्तर के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि रामगढ़ जिले में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन के लिए 8 चार्ज ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इनके सहयोग के लिए 1870 प्रगणक एवं 312 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया चलेगी, जिसमें नागरिक स्वयं मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। वहीं, द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न होगा।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना से संबंधित सभी जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल census.gov.in का उपयोग करें तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना कार्य से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।