गढ़वा, 15 मार्च 2026: जिला प्रशासन की एक बड़ी चूक ने सबको हैरान कर दिया है। जिला स्थापना शाखा द्वारा हाल ही में जारी तबादला सूची में एक ऐसे कर्मचारी का नाम शामिल कर दिया गया, जिसका निधन करीब चार महीने पहले ही हो चुका था। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर प्रखंड में राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत गौरव आनंद (कुछ रिपोर्टों में गौरन आनंद) का निधन 12 नवंबर 2025 को हो गया था। इसके बावजूद, जिला प्रशासन द्वारा 14 मार्च 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में उनका नाम शामिल किया गया। सूची में कुल 27 से 36 लिपिकीय/राजस्व कर्मियों के तबादले किए गए, जिसमें गौरव आनंद को भवनाथपुर प्रखंड से रंका प्रखंड में स्थानांतरित दिखाया गया है।
यह लापरवाही तब और चौंकाने वाली है, जब कर्मचारी की मृत्यु की सूचना विभागीय रिकॉर्ड में अपडेट नहीं की गई या मृत्यु प्रमाण-पत्र के आधार पर नाम हटाया नहीं गया। स्थानीय लोगों और अंचल कार्यालय के कर्मचारियों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया पर इसे “भूत का तबादला” कहकर मजाक उड़ाया जा रहा है, जबकि कई लोग प्रशासन की संवेदनशीलता और रिकॉर्ड रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस चूक पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गलतियां कर्मचारी परिवारों के लिए भावनात्मक आघात के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
यह घटना झारखंड के प्रशासनिक सिस्टम में रिकॉर्ड अपडेशन और संचार की कमी को उजागर करती है। उम्मीद की जाती है कि जिला प्रशासन जल्द ही इस मामले की जांच कर उचित कदम उठाएगा और भविष्य में ऐसी चूक से बचने के लिए सख्त प्रक्रिया लागू करेगा।