रांची, 12 मार्च 2026: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष का असर अब भारत की घरेलू हवाई यात्रा पर साफ दिखने लगा है। जेट ईंधन की कीमतें पिछले कुछ दिनों में 85-90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 150-200 डॉलर तक पहुंच गई हैं, जिसके चलते एयरलाइंस ने किरायों में तेज बढ़ोतरी की है। रांची जैसे शहरों से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जाने वाली फ्लाइटों के टिकट अब पहले से काफी महंगे हो गए हैं।
एयर इंडिया ने आज से घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। यह सरचार्ज सभी नई बुकिंग्स पर लागू होगा, जिसमें रांची-दिल्ली, रांची-मुंबई जैसे रूट शामिल हैं। अन्य एयरलाइंस जैसे इंडिगो भी किरायों में समानांतर बढ़ोतरी कर रही हैं या जल्द करने की संभावना जता रही हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, जेट फ्यूल एयरलाइंस की कुल लागत का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है। ईरान युद्ध के कारण गल्फ क्षेत्र में सप्लाई बाधित होने, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और एयरस्पेस बंद होने से फ्लाइट्स लंबे रूट से उड़ रही हैं, जिससे फ्यूल खपत बढ़ गई है। इससे घरेलू किरायों में 13-20 प्रतिशत तक की सालाना बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि कुछ रूट्स पर 25-35 प्रतिशत तक उछाल आया है।
रांची से दिल्ली का औसत किराया पहले 4,000-6,000 रुपये था, अब 5,500-8,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता रूट्स पर भी इसी तरह 1,000-2,000 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी किया गया है।
अगर युद्ध लंबा खिंचा तो और बढ़ोतरी संभव है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर किराए 15-80 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिसका असर घरेलू नेटवर्क पर भी पड़ रहा है।
एयर इंडिया ने चरणबद्ध तरीके से सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की है, जिसमें पहले फेज में घरेलू और SAARC रूट्स पर 399 रुपये का चार्ज शामिल है। कंपनी ने कहा कि बिना इस बढ़ोतरी के कुछ रूट्स घाटे में चल सकते हैं।