झारखंड में होली पर शराब की बिक्री ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड: 105-110 करोड़ रुपये का कारोबार

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रांची: होली के त्योहार ने झारखंड में शराब की बिक्री को नया मुकाम दिया है। इस वर्ष राज्य में होली के दौरान कुल 105 से 110 करोड़ रुपये तक की शराब की खपत दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 8 करोड़ रुपये अधिक है। झारखंड शराब व्यापारी संघ के अनुसार, कारोबारियों ने शुरुआत में 115 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक आंकड़ा थोड़ा कम रहा, फिर भी यह पिछले वर्षों से काफी बेहतर प्रदर्शन रहा।

राजधानी रांची में सबसे जबरदस्त बिक्री हुई, जहां अकेले 23 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकी। पिछले साल यहां करीब 20 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इसी तरह धनबाद और हजारीबाग जिलों में भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक खपत देखी गई।

पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना करें तो वर्ष 2025 में होली पर राज्य में लगभग 102 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी, जबकि 2024 में यह 92 करोड़ रुपये और 2023 में मात्र 70 करोड़ रुपये के आसपास रही थी। इससे साफ झलकता है कि त्योहार के दौरान शराब की मांग में लगातार तेजी आ रही है।

इस बीच, राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष से शराब कारोबार से जुड़े राजस्व लक्ष्य में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने सभी लाइसेंस धारकों को निर्देश दिए हैं कि वे संशोधित लक्ष्य के अनुसार अनुज्ञा शुल्क, अग्रिम उत्पाद परिवहन कर और जमानत राशि का अतिरिक्त अंतर जल्द जमा कराएं।

झारखंड शराब व्यापारी संघ ने इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर पुनर्विचार की मांग की है। संघ का कहना है कि इससे कारोबारियों के लाभ मार्जिन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर छोटे विक्रेताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार का तर्क है कि निजीकरण और अन्य सुधारों के बाद राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसे बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है। होली की इस रिकॉर्ड बिक्री से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।