पूरे राज्य के साथ-साथ धनबाद में भी राशन कार्ड धारकों के नाम हटाने की प्रक्रिया से मंईयां योजना प्रभावित, अपात्रों की छंटनी तेज

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रांची/धनबाद, 27 फरवरी 2026: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में अपात्र लाभार्थियों की सख्त छंटनी शुरू हो गई है। अनुमान है कि राज्य भर में हजारों महिलाओं के नाम योजना से कट सकते हैं, जिससे वे मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता से वंचित हो जाएंगी।

खासकर धनबाद जिले में स्थिति गंभीर है, जहां केंद्र सरकार की KPI रिपोर्ट के आधार पर राशन कार्ड से लगभग 10 हजार लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं, जो मंईयां योजना की लाभार्थी हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने पुष्टि की है कि ये नाम जल्द सूची से हटाए जाएंगे। चूंकि योजना का लाभ राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन पर निर्भर है, इसलिए राशन कार्ड से नाम कटने पर मंईयां योजना का लाभ भी स्वतः बंद हो सकता है।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि अपात्र महिलाओं के नाम काटे जाएंगे और उनकी जगह पात्र नए नाम जोड़े जाएंगे। अपात्रता के मुख्य आधारों में शामिल हैं- उम्र 18-50 वर्ष से बाहर होना, सरकारी नौकरी/पेंशन/EPFO धारक होना, आयकरदाता होना, गलत या डुप्लिकेट जानकारी, या अन्य पेंशन योजनाओं का लाभ लेना।

पिछले अपडेट्स में राज्य स्तर पर लाखों नाम पहले ही कट चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उम्र सीमा पार करने वाली 1.34 लाख महिलाएं बाहर हो चुकी हैं, जबकि कुल 5.63 लाख से अधिक नाम सत्यापन में हटाए गए हैं। हर महीने 8 से 20 हजार नाम कट रहे हैं, और नई एंट्री भी लंबे समय से बंद है।

हालांकि, होली से पहले पात्र लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि 17वीं और 18वीं किस्त एकमुश्त ट्रांसफर होगी। जिन्हें पिछली किस्तें नहीं मिलीं, उन्हें 5000 रुपये मिलेंगे। योजना के लिए 2026-27 बजट में 14,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान है।