रामगढ़, 24 फरवरी 2026: रामगढ़ जिले में मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति अब बेहद गंभीर हो चुकी है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित यह समस्या अब शहरी इलाकों में पहुंच गई है, जहां हाथियों का झुंड फसलों को नष्ट करने के साथ-साथ घनी आबादी वाले क्षेत्रों के निकट पहुंच रहा है। बीते दो दिनों से रामगढ़ कॉलेज के ठीक पीछे जारा टोला के खेतों में हाथियों का उत्पात जारी है, जिससे स्थानीय किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस झुंड की मौजूदगी अब और चिंताजनक हो गई है क्योंकि रामगढ़ कॉलेज के पीछे स्थित जारा टोला के खेतों से मात्र 100 मीटर की दूरी पर राधा गोविंद पब्लिक स्कूल और शिवपुरी कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं। स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चे और कॉलोनी के निवासी किसी भी समय खतरे की चपेट में आ सकते हैं। यदि हाथी इन क्षेत्रों में प्रवेश कर गए तो कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोग दहशत में हैं और मांग कर रहे हैं कि वन विभाग तुरंत प्रभावी कदम उठाए।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क रहने, अंधेरे में बाहर न निकलने और हाथियों को उकसाने से बचने की अपील कर रही है। विभाग ने आसपास के निवासियों को सलाह दी है कि वे घरों में रहें और यदि संभव हो तो मजबूत मकानों में शरण लें। हालांकि, हाथियों को जंगल की ओर वापस भगाने या उन्हें नियंत्रित करने के लिए अभी तक कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई रिपोर्ट नहीं हुई है।
किसानों का कहना है कि हाथियों ने सरसों, गेहूं और अन्य रबी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया है। रात के समय हाथी अधिक सक्रिय होते हैं और सुबह तक खेतों में तबाही मचा देते हैं। विद्यालय के छात्रों और आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है।
स्थानीय निवासियों, किसानों और अभिभावकों की मांग है कि वन विभाग फौरन कार्रवाई करे। हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल वापस भेजने के लिए ड्रोन सर्विलांस, साउंड और लाइट आधारित डिवाइस, प्रशिक्षित कुनकी हाथियों या अन्य वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा प्रदान किया जाए। यदि विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो राधा गोविंद पब्लिक स्कूल, शिवपुरी कॉलोनी या आसपास के इलाकों में कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन और वन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि अब केवल अपील और लाउडस्पीकर से काम नहीं चलेगा तत्काल ठोस व्यवस्था जरूरी है।