रांची, 11 जनवरी 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज अपने पिता एवं झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर गहरी भावनाओं के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। यह उनकी पहली जयंती है, जो 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद मनाई जा रही है।
हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: “आज, मेरे बाबा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जन्मजयंती है। यह मेरे लिए महज एक महान नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उस पिता की याद है जिन्होंने मुझे जीवन जीने की कला सिखाई, संघर्ष करना सिखाया और सबसे महत्वपूर्ण, बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना सिखाया।”
बाबा ने पूरे जीवन अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। मैंने उन्हें कई बार थका हुआ देखा, लेकिन टूटते कभी नहीं देखा। उनकी वो अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ता आज भी मेरे अंदर जीवित है।”
पूरे झारखंड में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। रांची में खेलगांव के टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने हजारों छात्रों से संवाद किया और गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की। शिबू सोरेन के आवास पर परिवार सहित श्रद्धांजलि सभा हुई, जहां उनकी पत्नी रूपी सोरेन भावुक हो गईं और हेमंत सोरेन ने उन्हें संभाला।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को झारखंड राज्य के निर्माण, आदिवासी अधिकारों और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई के लिए याद किया जाता है। उनकी विरासत आज भी लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है।