देवघर/दुमका, 05 जनवरी 2026: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के झारखंड दौरे के दूसरे दिन सोमवार को उन्होंने राज्य में निर्वाचन प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ-साथ बूथ लेवल अधिकारियों के कार्यों की जमकर सराहना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए मतदाता सूची का पूरी तरह त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है।
ज्ञानेश कुमार ने देवघर और दुमका में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की तैयारियां बेहद मजबूत और ठोस हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार तथा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, वह पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों को लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती की नींव है। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों की जमीनी स्तर पर की जा रही मेहनत से प्रभावित होकर घोषणा की कि जल्द ही देवघर के कुछ बूथ लेवल अधिकारियों को नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के प्रशिक्षण केंद्र में विशेष ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार का यह दो दिवसीय दौरा झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान की तैयारियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में फरवरी सेस्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू होने की संभावना है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा जाए।
इससे पहले दौरे के पहले दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने परिवार सहित देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना की थी, जबकि दूसरे दिन दुमका के बासुकीनाथ धाम में दर्शन किए।