रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
धनबाद, 13 नवंबर : आयकर विभाग की विशेष टीम ने बुधवार को धनबाद निबंधन कार्यालय पर अचानक छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि पिछले कुछ वर्षों में हुई 1000 से अधिक संपत्ति रजिस्ट्रियों में खरीदार-विक्रेता का PAN कार्ड विवरण दर्ज नहीं किया गया। यह गंभीर अनियमितता कर चोरी और काले धन के लेन-देन की ओर इशारा कर रही है।
आयकर नियमों के अनुसार, 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति रजिस्ट्री में PAN अनिवार्य है, ताकि TDS कटौती और ट्रांजेक्शन की निगरानी हो सके। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में न केवल PAN गायब था, बल्कि आधार लिंकेज भी नहीं था। कुछ रजिस्ट्रियों में फर्जी नाम-पते का भी इस्तेमाल हुआ।
विभाग के सूत्रों ने बताया कि ये मामले मुख्य रूप से वाणिज्यिक भूखंड, फ्लैट और कृषि भूमि से जुड़े हैं। कुछ रजिस्ट्रियां तो 50 लाख से 2 करोड़ तक की हैं। टीम ने रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड जब्त किए और 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। निबंधन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आयकर विभाग अब इन रजिस्ट्रियों के आधार पर टैक्स डिमांड नोटिस जारी करने की तैयारी में है। साथ ही, संदिग्ध सौदों की गहन जांच के लिए IT रिटर्न और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू हो गई है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि संपत्ति रजिस्ट्री से पहले PAN, आधार और TDS की पूरी जानकारी सत्यापित करें। यह कार्रवाई कर प्रशासन की सख्ती का संकेत है।