प्रदूषण से भारत में हर साल 20.1 लाख मौतों का दावा, जागरूकता के लिए लोकप्रिय हस्तियों की मदद लेने पर जोर
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। अदालत ने कहा कि लोगों को पटाखों के बिना दिवाली मनाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से विराट कोहली जैसे लोकप्रिय क्रिकेटरों और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों की मदद ली जानी चाहिए।
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। लोकप्रिय खिलाड़ियों और सार्वजनिक हस्तियों के माध्यम से टीवी, समाचार पत्रों और अन्य प्रचार माध्यमों पर जागरूकता अभियान चलाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी उत्तरा बब्बर ने ‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025’ रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत में वायु प्रदूषण से जुड़े कारणों से हर साल लगभग 20.1 लाख लोगों की मौत होती है। इनमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या भी चिंताजनक है।
अदालत ने बच्चों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और स्कूलों को अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया। कोर्ट का मानना है कि बच्चे अपने परिवारों को भी पटाखों से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पटाखों पर प्रतिबंध के पालन और अवैध बिक्री रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि त्योहार की खुशियां मनाने के साथ लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है।